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दिवाली पर शिल्पा ने शेयर की पोहा लड्‌डू की रेसिपी, लो कैलोरी ये डिश आपका वेट भी मेंटन रखेगी

इस दिवाली सबसे ज्यादा जिस बात पर ध्यान दिया जा रहा है, वो है कोरोना काल के बीच आपकी सेहत। इस लिहाज से खाने के कई ऐसे ऑप्शंस पेश किए जा रहे हैं जो टेस्टी होने के साथ ही हेल्दी भी हैं। ऐसे ही हेल्दी रेसिपी दिवाली पर बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये शेयर की है। इस त्योहार घर में बनने वाले ट्रेडिशनल लड्‌डू के बजाय पोहा लड्‌डू स्वास्थ्य के नजरिये से ज्यादा फायदेमंद हैं। शिल्पा के अनुसार, ''इस साल दिवाली पर हमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना है, मास्क और सैनिटाइजिंग प्रोटोकॉल के साथ दिवाली सेलिब्रेट करना है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप स्वादिष्ट लड्‌डू न खाएं। आपके लिए पेश है पोहा लड्‌डू। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा है। यह ग्लूटेन फ्री है। इसे बनाने में रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। ये मेरी तरफ से आप सभी लोगों के लिए दिवाली गिफ्ट है''। पोहा लड्‌डू बनाने के लिए शिल्पा ने पोहे को हल्का ब्राउन होने तक सेंक लिया। फिर इसमें सिका हुआ खोपरा, गुड़, किशमिश, बादाम, अलसी और घी मिलाया। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर लड्‌डू ...

संजीव कपूर के लिए शुगर फ्री गाजर का हलवा है फेस्टिवल का परफेक्ट डेजर्ट तो कुणाल कपूर बेक्ड बादाम के कोफ्ते को मानते हैं बेस्ट

दीपों का त्योहार आते ही घर में कई तरह के पकवान बनने लगते हैं। वैसे तो हर बार ट्रेडिशनल डिशेज बनाई जाती हैं। लेकिन इस बार महामारी की वजह से लोग इन पारंपरिक डिशेज के अलावा इम्यूनिटी बढ़ाने वाली डिशेज बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। पांच दिन चलने वाले इस त्योहार के लिए हमारे देश के शेफ भी अपनी खास डिशेज रीडर्स के लिए शेयर कर रहे हैं। ये घर में सबको पसंद आएंगी। शेफ संजीव कपूर : शुगर फ्री गाजर का हलवा ठंड की शुरुआत होते ही घरों में गाजर का हलवा बनने का लगता है। ऐसे में दिवाली की जगमग के बीच इस डिश का अपना ही मजा है। शुगर फ्री गाजर का हलवा इस फेस्टिवल सीजन की परफेक्ट डिश है जिसे संजीव कपूर खासतौर से दिवाली की पार्टी में सर्व करने की सलाह देते हैं। कुणाल कपूर : बेक किए हुए बादाम के कोफ्ते इसे बनाने के लिए मैश किए हुए आलू, बादाम, दूध और अंडे की जरूरत होती है। इसे बनाने के बाद बेक करें। बेक किए हुए कोफ्तों को आप नाश्ते के तौर पर खाएं या करी में डालकर डिनर के लिए तैयार करें। कुणाल इस डिश को डिनर पार्टी के लिए भी बेस्ट मानते हैं। सारांश गोयला : क्रीम चीज़ कबाब विद वर्की पराठा क्रीम वाला ...

अगर आप स्पाइसी खाने के शौकीन हैं तो बनाएं दिवानी हांडी, सिर्फ आधे घंटे में हो जाएगी तैयार

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एक पायलट ने नौकरी छूटने पर शुरू किया फूड स्टॉल, कैप्टन की यूनिफॉर्म में खाना सर्व करने पर मिली इतनी शोहरत जिसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी

कोरोना वायरस महामारी की वजह से जिन लोगों ने अपनी नौकरी खोई उनमें बड़ी संख्या टूरिज्म इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की भी रही। इसके चलते आज कई लोग बेरोजगार हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो नए बिजनेस की शुरुआत कर रहे हैं। ऐसे ही लोगों में मलेशियन पायलट अजरिन मोहम्मद जवावी भी शामिल हैं। इन्होंने पायलट की नौकरी छूटने पर अपने फूड बिजनेस की शुरुआत की। 44 साल के अजरीन कहते हैं-''मुझे मेरी कंपनी से हटा दिया गया। फिर मेरे पास कोई काम नहीं था। ऐसे में यह फूड स्टॉल को मैंने अपनी आय का जरिया बनाया''। चार बच्चों के पिता अजरीन अपने स्टॉल पर कई मलेशियन डिशेज जैसे करी नूडल्स, लस्का और कई फलों को मिलाकर बनाई गई डिश रोजक बेचते हैं। अजरीन ने जब ये काम शुरू किया था, तब कभी सोचा भी नहीं था कि उसे इतनी शोहरत मिलेगी। एक फोटोग्राफर ने अजरीन के कैप्टन की ड्रेस में फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। अपने फूड स्टॉल को अजरीन ने कैप्टन कॉर्नर नाम दिया। वे अपने स्टॉल पर व्हाइट यूनिफॉर्म के साथ ब्लैक हैट पहनकर जब ग्राहकों को खाना सर्व करते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होती है। अजर...

लिसिप्रिया कांगुजम ने सरकार से दिल्ली में हेल्थ इमर्जेंसी लगाने की अपील की, दीवाली पर वायु प्रदूषण से बचने के लिए पटाखे न जलाने का दिया संदेश

लिसिप्रिया कांगुजम की उम्र 9 साल है। दिल्ली में हो रहे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वह अभियान चला रही है। हाल ही में जब शहर में वायु प्रदूषण बढ़ा तो इस बच्ची ने सरकार से दिल्ली में हेल्थ इमर्जेंसी लगाने की अपील की है। उसने ट्विटर अकाउंट के जरिये अपनी बात रखी। उसने कहा मैं सभी लोगों से दीवाली पर पटाखे न जलाने की अपील करना चाहती हूं क्योंकि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। हर साल लाखों बच्चे वायु प्रदूषण की वजह से अपनी जान गवां देते हैं। उसने अपनी बात को एक कार्ड बोर्ड पर लिखकर व्यक्त किया। लिसिप्रिया मणिपुर की रहने वाली हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते वे इस दिशा में प्रयास करने के लिए जागरूक हुईं। 2015 में नेपाल में आए भूकंप की खबरें देखकर उनका दिल दहल गया। उन्होंने परिवार के साथ इंफाल से काठमांडू तक सहायता पहुंचाई। 2016 में जब वे दिल्ली आईं तो यहां की गंदगी और प्रदूषण को देखकर इसके खिलाफ मुहिम छेड़ी। जब वह ओडिशा गईं तो वहां पर लगातार टिटी और फेन तूफानों ने उन्हें पर्यावरण सुधारने पर विचार करने को मजबूर किया। लिसिप्रिया ने वायु प्रदूषण के खिलाफ 'द चाइल्ड मूवम...

सब्जियों को मिक्स करके बनाएं घंटे तकरारे, सूखे मसाले डालकर चावल के साथ सर्व करें

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मशहूर डेटिंग एप ने इंस्टाग्राम मॉडल लूना बेना पर लगाया प्रतिबंध, यहां उनकी खूबसूरती बनी परेशानी की वजह

इंस्टाग्राम मॉडल लूना बेना का दावा है कि डेटिंग एप टिंडर ने उनके खूबसूरत फोटोज को फेक बताया। लूना ने इस एप को 2017 में जॉइन किया था। लूना का कहना है कि उनके लिए इस एप पर हिट होने की वजह से कई मैरिज प्रपोजल आए। लाखों लोग उनकी खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थकते। ऐसे भी कई लोग थे जो उनसे मिलने की चाहत पूरी करने के लिए उन्हें मुंहमांगी कीमत देने को तैयार थे। इस ऐप से जुड़ने के बाद लोग उनकी फोटो चुराकर अकाउंट्स बनाने लगे। टिंडर के अलावा फेसबुक पर भी उनकी फोटो को चुराकर फेक अकाउंट बनाया गया। इसे लाखों लोग फॉलो करते हैं। लूना को अपनी खूबसूरती की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। कई लोग उन्हें टिंडर के माध्यम से न मिलने की वजह से धमकी भी दे चुके हैं। लूना कहती हैं - 'ये बिल्कुल गलत है कि लोग मेरे नाम की फेक प्रोफाइल बनाते हैं और फिर इससे कमाई भी करते हैं'। लूना की दिक्कत उस वक्त बढ़ी जब उनके कई फेक अकाउंट्स के चलते यह पता लगा पाना मुश्किल हो गया है कि उनका कौन सा अकाउंट असली है और कौन सा नकली। जब लूना इस डेटिंग एप पर अपने ओरिजिनल अकाउंट बनाने की कोशिश करती हैं तो टिंडर इसे फेक प्रोफाइल समझकर ...

अकेले रहने वाली महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर का 28% और विधवाओं में 33% अधिक खतरा, ऐसे कंट्रोल करें बीपी

शादीशुदा न होने का कनेक्शन हाई ब्लड प्रेशर से भी है। अमेरिका में हुई रिसर्च कहती है, ऐसी महिलाएं जिनकी शादी नहीं हुई है उनमें हाई ब्लड प्रेशर यानी हायपरटेंशन का खतरा अधिक है। हायपरटेंशन जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, शादी और जेंडर का हायपरटेंशन से क्या कनेक्शन है, इसे समझने के लिए वैज्ञानिकों ने स्टडी की। इन्हें खतरा अधिक कनाडा में 45 से 85 साल 28,238 पुरुष-महिलाओं पर रिसर्च की गई। रिसर्च में सामने आया कि शादीशुदा के मुकाबले अकेले रहने वाली महिलाएं 28 फीसदी तक अधिक हाई ब्लड प्रेशर से परेशान रहती हैं। वहीं, तलाकशुदा महिलाओं में 21 फीसदी और विधवा महिलाओं में 33 फीसदी अधिक हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है। कुंवारे पुरुषों में हाई बीपी के मामले कम क्यों? रिसर्च के मुताबिक, कुंवारे पुरुषों की स्थिति इसके उलट है। अकेले रहने वाले पुरुषों में हाई बीपी का खतरा कम है क्योंकि ये अधिक तनाव नहीं लेते। मिलनसार होने के कारण इनमें ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा कम रहता है। वैज्ञानिकों का कहना है, जिन महिलाओं के दोस्त बेहद कम होते हैं उनमें भी हायपरटेंशन का खतरा 15 फीसदी तक अधिक होता है। ब्लड प्रे...

मिशेल का सबसे लंबी भुल भुलैया बनाकर गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम, उसने कहा इसे सॉल्व करने के लिए आपके पास बहुत सारा वक्त होना जरूरी है

अगर आप बच्चों की तरह किसी कागज में बनी हुई भुल भूलैया सॉल्व करना पसंद करते हैं तो यह खबर यकीनन आपके काम की है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा जारी इस वीडियो में अमेरिका की मिशेल भुल भूलैया बनाती हुई दिख रही हैं। इसे बनाने में उन्हें तीन महीने का समय लगा। इसका साइज 104.64 स्क्वेयर मीटर है। उनके वीडियो को देखकर यह समझ में आता है कि इसे बनाने में उन्हें कितनी मेहनत लगी होगी। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद इस पर अब तक 3000 रिएक्शंस और 3,50,000 व्यूज मिले हैं। इनमें से कई लोग इस मेज को सॉल्व करने के प्रति काफी उत्साहित हैं। कुछ लोगों ने ताली बजाकर मिशेल की सराहना की, वहीं कई लोगों ने ईमोजी से अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। एक फेसबुक यूजर ने कहा इसे सॉल्व करने के लिए बहुत धैर्य की जरूरत है। मिशेल ने उनकी तारीफ करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि - ''मैंने अपनी मेज में इसे सॉल्व करने वाले लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई रास्ते हाईलाइटर से मार्क कर दिए हैं। मैं उन सभी लोगों को डिजिटल फाइल भी भेज सकती हूं जो इसे सुलझाना चाहते हैं। लेकिन इतना जरूर ...

भिलाई की 49 वर्षीय डिंपल कौर अब तक स्कूल, कॉलेज और झुग्गियों में बांट चुकी हैं 5 लाख सैनिटरी पैड्स, लोगों ने नाम दिया 'पैड दीदी'

जिंदगी में जब मुश्किलों का सामना होता है तभी उससे निकलने के हल भी नजर आते हैं। ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़, भिलाई की रहने वाली हरचरण कौर के साथ भी हुआ। उन्हें लोग डिंपल के नाम से जानते हैं जो लड़कियों को पीरियड्स के दौरान हाइजीन का महत्व बताते हुए नजर आती हैं। पिछले चार सालों के दौरान 49 साल की डिंपल ने अपने एनजीओ के तहत स्कूल, कॉलेज और झुग्गी-बस्तियों में 5 लाख सैनिटरी पैड्स बांटे हैं। डिंपल खुद अनियमित ब्लीडिंग से परेशान रहती थीं। 7 महीने में उनके 3 ऑपरेशन हुए। उन्हें अपनी लापरवाही समझ आई। फिर दिसंबर 2014 में उन्होंने यूटरस रिमूवल सर्जरी कराई। छह महीने के बाद उनकी एक बार फिर सर्जरी हुई। डिंपल कहती हैं-''मैंने लंबे समय तक पीरियड्स से होने वाली तकलीफ को इसलिए सहा क्योंकि मेरे परिवार में बुजुर्गों को भी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने देखा है कि आज भी कई शिक्षित महिलाओं को अनियमित महावारी की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में पता नहीं होता। अगर आपको यह समस्या है तो सही वक्त पर डॉक्टर को दिखाएं और सही निर्णय लें''। कौर ने जुलाई 2016 में अपने एनजीओ 'अनुभूति श्र...

इस दिवाली छेना पोड़ा से करें मेहमानों का मुंह मीठा, सिर्फ आधे घंटे में हो जाएगी तैयार

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त्रिपुरा की महिलाओं का स्व सहायता समूह बांस से बना रहा मोमबत्तियां, पाइनेपल जैम और ऑर्गेनिक चीजों से हो रही अच्छी कमाई

त्रिपुरा के सिपहिजाला क्षेत्र में चलाए जा रहे एक स्व सहायता समुह की महिलाओं ने दीवाली के लिए बांस से मोमबत्तियां बनाई हैं। इसे एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बिपल्व कुमार देब ने स्व सहायता समूह के सदस्यों और सिपहिजाला के जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में लॉन्च किया। इस मौके पर इन महिलाओं द्वारा बनाया गया ऑर्गेनिक गुड़, शकर और पाइनेपल जैम भी लॉन्च किया गया। बिपल्व कुमार देब ने इन महिलाओं के प्रयास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बांस की कुछ प्रजातियां तेजी से फैलती हैं। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। इससे तैयार की गई चीजें कमाई का जरिया बन सकती हैं। इसीलिए लघु उद्योग और राज्य सरकार द्वारा तैयार उत्पादों को मार्केट में लाने का प्रयास किया जा रहा है। स्व सहायता समूह द्वारा बनाई गई मोमबत्तियां। इस स्व सहायता समूह की एक सदस्य दीपाली पॉल ने बताया - ''हमने इससे पहले कभी बांस से मोमबत्तियां बनाने के बारे में नहीं सुना था। लेकिन ये देखकर अच्छा लग रहा है कि इस प्रोडक्ट की मार्केट में बहुत मांग है। इसलिए हम अलग-अलग कीमत वाले दीये और मोमबत्ती बना रहे हैं''। एक अन्य सदस्य पू...

सबसे लंबे बालों वाली निलांशी पटेल ने तीसरी बार तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, अर्जेंटीना की टीनएज गर्ल को हराकर दर्ज किया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और यू ट्यूब चैनल लोगों में छिपी अद्भुत योग्यता को सारी दुनिया के सामने लाता है। हाल ही में निलांशी पटेल ने तीसरी बार अपना ही रिकॉर्ड ब्रेक कर लोगों को हैरान कर दिया है। वे गुजरात में अरवल्ली जिले के मोडासा की रहने वाली हैं। निलांशी दुनिया की पहली टीनएजर हैं जिन्होंने तीसरी बाल अपने ही बालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। वे बताती हैं उसने छ: साल की उम्र में आखिरी बार बाल कटवाए थे। 2018 में उसके बालों की लंबाई 170.5 सेंटीमीटर थी। बाद में उसने बालों को और बढ़ाया। पिछले साल इसके बालों की लंबाई 190 सेमी या 6 फीट, 2.8 इंच थी। वहीं फिलहाल पटेल की बालों की लंबाई 6 फीट, 6.7 इंच है। 2018 की शुरुआत में सबसे लंबे बाल होने का रिकॉर्ड अर्जेंटीना की ऐब्रिल लॉरेनजटी के नाम था। उसके बालों की लंबाई 152.5 सेमी थी। ऐब्रिल का रिकॉर्ड 17 साल की कीटो कवाहरा ने तोड़ा था जिनके बाल 155.5 सेमी लंबे थे। लेकिन इसी साल के आखिर में निलांशी ने 15 सेमी के मार्जिन से सबका रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह खिताब अपने नाम कर लिया। निलांशी के अनुसार, ''मैं जब 6 साल की थी तब एक लोकल सैलून में मेरे बालों को इतनी ब...

विंटर स्पेशल रेसिपी, आंवला, चना, पालक सूप बनाकर देखें, ये टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी है

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कर्नाटक की पहली ट्रांसवुमन डॉक्टर त्रिनेत्रा, वे सोशल मीडिया पर लेस्बियंस के प्रति लोगों की सोच बदलना चाहती हैं

एक जमाना वो था जब लोग ट्रांसजेंडर का मजाक उड़ाते थे। लेकिन इस समुदाय के लोगों ने संघर्ष के बल पर समाज में खास मुकाम हासिल किया है। इस बात की मिसाल बेंगलुरु की त्रिनेत्रा हल्दर गम्माराजू हैं। वे कर्नाटक की पहली ट्रांसवुमन डॉक्टर के रूप में अपनी खास पहचान रखती हैं। बेंगलुरु में त्रिनेत्रा कभी अंगद गम्माराजू के नाम से जानी जातीं थीं। त्रिनेत्रा ने विदेश में जेंडर चेंज करने के लिए सर्जरी करवाई। सर्जरी के बाद अंगद ने अपना नाम मां दुर्गा के नाम पर 'त्रिनेत्रा' रखा। अपने परिवार के सपोर्ट से त्रिनेत्रा डॉक्टर बनीं। त्रिनेत्रा कहती हैं - ''बचपन से मैंने अपने ट्रांसजेंडर होने की वजह से बहुत अपमान सहा है''। त्रिनेत्रा की जिंदगी का सबसे यादगार पल वो था जब उन्होंने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में प्रैक्टिकल सेशन के दौरान एक महिला की डिलिवरी करवाई। वे कहती हैं - 'अपनी गोद में मैं एक बच्चे को देखकर खुशी से झूम रही थी'। भविष्य में वे खुद सरोगेसी से मां बनने की ख्वाहिश रखती हैं। फिलहाल वे कस्तूरबा मेडिकल हॉस्पिटल, मणिपाल में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कई बार त्रिनेत्रा का ...